बिसौली सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; सड़क पर लगाया जाम

बिसौली। नवजात के जन्म की खुशी कुछ ही देर में मातम में बदल गई। रविवार देर शाम नगर के सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद 23 वर्षीय अर्चना की हालत बिगड़ने पर मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल में हंगामा करते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया और अस्पताल के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया।
कोट रतनपुर निवासी मनोज श्रीवास्तव अपनी पत्नी अर्चना को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक प्रसव के दौरान बच्चे का जन्म सकुशल हो गया, लेकिन इसके बाद अर्चना की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि महिला चिकित्सक ने उसे निजी चिकित्सक के पास ले जाने की सलाह देते हुए रेफर कर दिया।
परिजनों के अनुसार अस्पताल से ले जाते समय रास्ते में ही अर्चना की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर वापस सरकारी अस्पताल पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल में जुट गए और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल की महिला कर्मचारी भी वहां से चली गईं।
सूचना मिलने पर कोतवाल कमलेश मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने के बाद लोगों को शांत कराया और जाम खुलवाया। हालांकि, इसके बाद भी परिजन देर रात तक अस्पताल परिसर में मौजूद रहे।
एक परिवार में दूसरी मौत ने उठाए सवाल
इस घटना ने इसलिए भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि परिजनों के अनुसार मनोज की पहली पत्नी नीरज की भी करीब पांच वर्ष पहले इसी सरकारी अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार में प्रसव के दौरान दूसरी महिला की मौत से अस्पताल की व्यवस्थाओं और प्रसव सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, देर रात तक मामले में पुलिस को कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। महिला की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो
सकेगा।




