सड़क निर्माण के विवाद में किसान ने तहसील में की आत्मदाह की कोशिश, भीड़ ने बचाया

बिसौली। सड़क निर्माण को लेकर हुए विवाद के तीन दिन बाद एक किसान ने प्रशासनिक कार्यवाही और भूमि की नाप-तौल की मांग को लेकर तहसील परिसर में मंगलवार को आत्मदाह का प्रयास कर दिया। किसान ने अपने ऊपर तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने रोक लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित कोतवाली ले गई।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव गहोरा का है, जहां सड़क निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। तीन दिन पूर्व सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर शांति भंग की कार्रवाई करते हुए चालानकिया था। बाद में दोनों को एसडीएम कोर्ट से जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
मंगलवार को गहोरा निवासी किसान महेश पाल तहसील पहुंचा और अपनी व्यथा एसडीएम को बताने का प्रयास किया, लेकिन उस समय एसडीएम राशि कृष्णा एसआईआर से संबंधित बैठक में व्यस्त होने केकारण मुलाकात नहीं हो सकी। पीड़ित किसान का आरोप है कि उसके पड़ोसी ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है और उसके खेत से जबरन सड़क निकलवाने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
खुद को असहाय महसूस कर महेश पाल ने तहसील परिसर में ही अपने ऊपर तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। यह देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मचगई। भीड़ ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया और अनहोनी टल गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को कोतवाली ले आई।
कोतवाली में महेश पाल ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि सड़क निर्माण सरकारी भूमि से ही कराया जाए और मामले की निष्पक्ष नाप-तौल कराई जाए। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
बिसौली तहसील परिसर का मामला, पुलिस कर रही जांच
हेश पाल की ओर से न तो कोई लिखित प्रार्थनापत्र, न ही मौखिक शिकायत की गई है। गांव में बन रही सीसी सड़क के लिए आपसी सहमति से रास्ता दिया गया था। इस संबंध में एक वीडियो भी उपलब्ध है, जिसमें रस्सी से निशान लगाते हुए देखा जा सकता है। यदि महेश को कोई आपत्ति है तो वह लिखित शिकायत दे, जिस पर टीम गठित कर समाधान कराया जाएगा। गिरजा शंकर, नायब तहसीलदार, बिसौली



